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Pankaj Trivedi
In:
कविता
मै ही ज़िम्मेदार बन गया... ! - पंकज त्रिवेदी
किसी की लग गई नज़र !
हमारी दोस्ती को...
आँगन मैं मैंने पौधा बोया ही था
कि बारिश आई जमकर !
जम गया पौधा और
खीलखील हँसने लगा...
कुछ ही दिनों में उस पर फूल आ गए
और
बिना कारण मै ही ज़िम्मेदार बन गया... !
07 , अगस्त, 2010
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