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Pankaj Trivedi
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संवाद
अतिथि
"विश्वगाथा" पर कल के अतिथि कौन होंगे? यूं तो वह जानेमाने शायर, कहानीकार, लघुकथाकार और आलोचक भी हैं | गझल के क्षेत्र में उनका कार्य ही उनकी ऊंचाई सिद्ध करता है | बहुत ही लोकप्रिय और सुप्रसिद्ध साईट पर प्रधान सम्पादक होना ही उनकी काबिलियत का दस्तावेज है | नेकदिल और शेरदिल इंसान के रूप में उनका कोइ जवाब नहीं | "विश्वगाथा" के पाठकों के लिएँ यह एक उपहार ही होगा | रविवार की सुबह तक का इंतज़ार आपको बाद में पूर्ण आनंदयात्रा कराएगा |
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Heading ko edit kariye Bhratashree. Main to aapka hi hoon.
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