Posted by
Pankaj Trivedi
In:
नज़म
ठोकरें
ऐ दोस्त इतना भी प्यार न कर
लोग चले जाएँ ठोकरें मारते यहाँ
समझ ले तू भी अब इस ज़माने में
सच्चा प्यार करने वाले मिलेंगे कहाँ
ये दुनिया है शानों-शौकत के लिए
प्यार करने वाले तो फ़कीर हैं यहाँ
कोई नफ़रत का कारवाँ लेके आया हैं
मैं हूँ कि खुद को खींचे जाता हूँ यहाँ
क्या हक्क है तुम्हें प्यार करने का
दोस्त ! किसे वक्त है बेफ़िजूल यहाँ ?
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11 Comments
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11 comments:
प्यार ये जज्बा है दोस्त जिसे दौलत नहीं पा सकती ,
ये वो शै है जो किसीके के वादे की मुन्तजिर नहीं
क्या हक्क है तुम्हें प्यार करने का
दोस्त ! किसे वक्त है बेफ़िजूल यहाँ ?/
bahut khub/
Amrit Ahee :
kya baat kahi,,,,bilkul sachai hai ye,,,ae dost itna bhi pyaar na kar........
3 hours ago · UnlikeLike · 1 person
Bahot achha! very touchy indeed! :-))
बहुत कुछ कह रही है आपकी यह रचना.....बधाई हो आप को पंकज जी
Veena Jain
December 19 at 12:08pm Reply • Report
sachche pyar ko ....yaha galat samajhate hai log.....
itana bhi pyar na kar e dil.....ki ... pyar se bhi darate hai log......
Veena Shrivastava
December 19 at 12:12pm Reply • Report
logon ki fikra karte hain kyun hum...jo karna hai karne se darte hain kyun hum...??
Kusum Choppra December 22 at 9:04am Report
very intersting
सच्चा प्यार करने वाले मिलेंगे कहाँ
ये दुनिया है शानों-शौकत के लिए
प्यार करने वाले तो फ़कीर हैं यहाँ
कोई नफ़रत का कारवाँ लेके आया हैं........वाह शब्द दर शब्द बहुत ही सुन्दर प्रस्तुती ...धन्यवाद पंकज जी आप के द्वारा एक अच्छी पोस्ट का परिचय करने को !!!!!!!!!!!!!!!!!
वाह शब्द दर शब्द बहुत ही सुन्दर प्रस्तुती ...धन्यवाद पंकज जी आप के द्वारा एक अच्छी पोस्ट का परिचय करने को ..:)..:)..
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