अरे मन ! - आचार्य संजीव वर्मा 'सलिल'
सहज हो ले रे अरे मन !
*
मत विगत को सच समझ रे.
फिर न आगत से उलझ रे.
झूमकर ले आज को जी-
स्वप्न सच करले सुलझ रे.
प्रश्न मत कर, कौन बूझे?
उत्तरों से कौन जूझे?
भुलाकर संदेह, कर-
विश्वास का नित आचमन.
सहज हो ले रे अरे मन !
*
उत्तरों का क्या करेगा?
अनुत्तर पथ तू वरेगा?
फूल-फलकर जब झुकेगा-
धरा से मिलने झरेगा.
बने मिटकर, मिटे बनकर.
तने झुककर, झुके तनकर.
तितलियाँ-कलियाँ हँसे,
ऋतुराज का हो आगमन.
सहज हो ले रे अरे मन !
*
स्वेद-सीकर से नहा ले.
सरलता सलिला बहा ले.
दिखावे के वसन मैले-
धो-सुखा, फैला-तहा ले.
जो पराया वही अपना.
सच दिखे जो वही सपना.
फेंक नपना जड़ जगत का-
चित करे सत आकलन.
सहज हो ले रे अरे मन !
*
सारिका-शुक श्वास-आसें.
देह पिंजरा घेर-फांसे.
गेह है यह नहीं तेरा-
नेह-नाते मधुर झाँसे.
भग्न मंदिर का पुजारी
आरती-पूजा बिसारी.
भारती के चरण धो, कर -
निज नियति का आसवन.
सहज हो ले रे अरे मन !
*
कैक्टस सी मान्यताएँ.
शूल कलियों को चुभाएँ.
फूल भरते मौन आहें-
तितलियाँ नाचें-लुभाएँ.
चेतना तेरी न हुलसी.
क्यों न कर ले माल-तुलसी?
व्याल मस्तक पर तिलक है-
काल का है आ-गमन.
सहज हो ले रे अरे मन !
*
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12 comments:
beautiful !!!!
आचार्य जी आपको पढ़ना सदैव रुचिकर लगता है|
सहज हो ले रे अरे मन...................
सहज अभिव्यक्ति होने के बावजूद लगता है इस बार मुझे खुद आपसे ही इस गीत के अंतर्निहित अर्थों को समझना होगा| अन्यथा मुझे पूर्ण आनंद नहीं आएगा| पाठक आनंदित हो गया है सलिल जी, पर विद्यार्थी की उत्कंठा बढ़ गयी है| समय मिलने पर चेट पर बात करने पधारिएगा|
बहुत अच्छी रचना सन्देश देती हुई , बधाई
bahut hee saarthak kavita .. is sundar kavita ko blog me shayar karne ke liye dhanyvaad pankaj ji..
काल का है आ-गमन.
सहज हो ले रे अरे मन !ek atyant kathin parishthiti..... ! bahut sunder gehen aur shabdon ka sarthak upyog....! loved reading it...! :)
मत विगत को सच समझ रे
फिर न आगत से उलझ रे
झूमकर ले आज को जी
स्वप्न सच करते सुलझ रे
बेहद सुन्दर संदेश देती हुई कविता
behad sundar rachna!
regards,
बहुत अच्छी रचना....रुचिकर !
बहुत सुन्दर अभिवक्ति ....सच्चा जीवन दर्शन निहित है इस रचना में बहुत बहुत धन्यवाद .
बहुत अच्छी प्रस्तुति। हार्दिक शुभकामनाएं!
फ़ुरसत में .... सामा-चकेवा
विचार-शिक्षा
बहुत बहुत बहुत ही सुन्दर रचना ...
अति उत्तम ...
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